Mamata Banerjee Loss Impact UP 2027: पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में BJP के जोरदार प्रदर्शन ने यूपी बीजेपी में भी एक नया जोश भर दिया है। यूपी में 2027 में विधानसभा चुनाव होना है। यूपी चुनाव के पहले पश्चिम बंगाल की जीत BJP के लिए काफी मायने रखती है। पश्चिम बंगाल में लंबे समय से बीजेपी जीत पाने की कोशिश में लगी थी और अब 2026 में पहली बार बीजेपी की अपनी सरकार बनती नजर आ रही है।
बंगाल की जीत का यूपी में मिलेगा फायदा!
यूं तो लखनऊ से कोलकाता की दूरी करीब एक हजार किलोमीटर है लेकिन बीजेपी को लगता है कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत का सीधा फायदा उन्हें 2027 के विधानसभा चुनाव में यूपी में मिलेगा। इस जीत से बीजेपी के कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा। बीजेपी के एक सीनियर नेता के मुताबिक, 9 साल की सरकार के बाद यूपी बीजेपी के कार्यकर्ताओं में असंतोष नजर आ रहा था। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी पार्टी को भारी नुकसान हुआ था। एनडीए गठबंधन 80 लोकसभा सीट में से 36 सीट जीत पाया था और बीजेपी 33 सीट।
बूस्टर की तरह काम करेगी जीत
लेकिन अब पार्टी को लग रहा है कि पश्चिम बंगाल के नतीजे यूपी में पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए बूस्टर की तरह काम करेंगे। BJP को लगता है कि योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता, हिंदुत्व और बेहतर कानून व्यवस्था के मुद्दे तीसरी बार यूपी में उनकी सरकार बनाएंगे। बीजेपी मानती है कि पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजे विपक्ष का मनोबल तोड़ेंगे।
BJP ने तोड़ा 30 फीसदी मुस्लिम वोटों का मिथ
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल चुनाव में बीजेपी ने अपनी पूरी ताकत लगा दी थी और अगर नतीजे ममता बनर्जी के पक्ष में जाते तो यूपी में भी बीजेपी कार्यकर्ताओं, नेताओं का मनोबल टूटता। साथ में पश्चिम बंगाल में 25 से 30 फीसदी मुस्लिम वोट है। जब वहां बीजेपी जीत सकती है तो करीब 19 फीसदी मुस्लिम वोट वाले उत्तर प्रदेश में तीसरी बार सरकार बनाना मुश्किल काम नहीं है जब योगी आदित्यनाथ हिंदुत्व का बड़ा चेहरा माने जाते हैं।
ममता बनर्जी का हारना सपा के लिए झटका!
उधर, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव लगातार ममता बनर्जी की जीत का दावा कर रहे थे, लेकिन अब पश्चिम बंगाल के नतीजे इंडिया गठबंधन के लिए बड़ा झटका माने जा रहे हैं। हालांकि, समाजवादी पार्टी के नेताओं का मानना है कि पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में काफी फर्क है। दोनों राज्यों में मुद्दे भी अलग हैं और जातीय समीकरण भी।
दोगुनी ताकत से बीजेपी को घेरने की तैयारी
पश्चिम बंगाल में तो 15 साल से ममता बनर्जी की सरकार थी और बीजेपी विपक्ष में थी, जबकि यूपी में 10 साल से बीजेपी सरकार है और लोगों की सरकार से नाराजगी है। पार्टी मानती है कि ममता बनर्जी की जीत से यूपी में विपक्ष का मनोबल बढ़ता लेकिन हार से विपक्ष दोगुनी ताकत से बीजेपी के खिलाफ लड़ने की तैयारी करेगा।
PDA फॉर्मूले पर आगे बढ़ सकती है सपा
पिछले लोकसभा चुनाव में यूपी में अखिलेश यादव का पीडीए यानी पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक फार्मूला काम आया था और इंडिया गठबंधन ने 43 सीट जीती थीं, जिनमें 37 समाजवादी पार्टी और 6 कांग्रेस ने जीती थी। अब समाजवादी पार्टी का मानना है कि ममता बनर्जी की हार से वो दुखी जरूर है लेकिन यूपी के विधानसभा चुनाव में इसका कोई असर नहीं पड़ने वाला है।